कतार और भीड़ का जमाव
चेक-इन और सिक्योरिटी की कतारें फ़्लोर पर घूम-घूम कर संभाली जाती हैं।
चालू एयरपोर्ट में पैसेंजर फ़्लो, रिस्ट्रिक्टेड एरिया मॉनिटरिंग और पेरिमीटर सिक्योरिटी।
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एयरपोर्ट में एक साथ कई सिक्योरिटी व्यवस्थाएँ चलती हैं — लैंडसाइड की भीड़, एयरसाइड की पाबंदियाँ, और एक पेरिमीटर जिस पर लगातार नज़र रखनी पड़ती है। ज़्यादातर साइटें इन्हें अलग-अलग सिस्टम पर चलाती हैं।
चेक-इन और सिक्योरिटी की कतारें फ़्लोर पर घूम-घूम कर संभाली जाती हैं।
किलोमीटरों लंबी फ़ेंस लाइन, जिस पर लगातार गश्त मुमकिन नहीं।
डिटेक्शन इस पर टिकी है कि भरे हुए कॉनकोर्स में किसी की नज़र बैग पर पड़ जाए।
एयरसाइड के दरवाज़े और गेट पर सिर्फ़ बैज स्वाइप नहीं, वेरिफ़िकेशन चाहिए।
वही प्लेटफ़ॉर्म, वही इवेंट पाइपलाइन, वही ऑडिट लॉग — बस नियम अलग होते हैं।
कतार की लंबाई, क्राउड डेंसिटी, लावारिस वस्तु और पेरिमीटर इंट्रूजन।
टर्मिनल, एयरसाइड और पेरिमीटर के कैमरा ग्रुप — एक ही रिकॉर्डिंग प्लेटफ़ॉर्म पर।
रिस्ट्रिक्टेड एरिया के एक्सेस पॉइंट पर स्टाफ़ और कॉन्ट्रैक्टर वेरिफ़िकेशन।
एविएशन डिप्लॉयमेंट रेगुलेटेड होते हैं। स्कोप, कैमरों की जगह और डेटा हैंडलिंग आपके रेगुलेटर की शर्तें पूरी करनी चाहिए, इसलिए हम आपकी साइट पर लागू BCAS, DGCA या स्थानीय ज़रूरतों के हिसाब से बनाते हैं।
इवेंट आपके मौजूदा PSIM या कमांड-एंड-कंट्रोल प्लेटफ़ॉर्म पर भेजे जा सकते हैं।
सिर्फ़ आपकी पॉलिसी के हिसाब से। रिटेंशन हर कैमरा ज़ोन के लिए अलग सेट होता है, और जहाँ पहचान की ज़रूरत नहीं, वहाँ एनालिटिक्स एनोनिमस चल सकती है।
हमें साइट, कैमरों की संख्या और यह बताइए कि आपको क्या पकड़ना है। कीमत की बात से पहले हम बता देंगे कि क्या वाकई मुमकिन है।